
✒️सुभाष मेश्राम की खबर…
व्यापारियों को बस्तर एसपी ने दिया साइबर ठगी से बचने का मंत्र ‘रुको, सोचो, एक्शन लो’
जगदलपुर– छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत बस्तर पुलिस ने बस्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में चैंबर के पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ रोटरी क्लब के सदस्य तथा विभिन्न व्यापारिक एवं व्यावसायिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों को ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर सतर्क किया। साइबर पुलिस थाना निरीक्षक गौरव तिवारी ने साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और ठगी होने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने डिजिटल लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने और OTP, PIN, CVV तथा पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की। वहीं नगर पुलिस अधीक्षक सुमितकुमार धोत्रे ने OTP/KYC फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, निवेश एवं ट्रेडिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी से बचाव के उपाय बताए।कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने चैंबर सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि व्यापारिक संस्थानों की वित्तीय और डिजिटल सुरक्षा के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्कता बरतने पर जोर दिया।
छत्तीसगढ़ पुलिस का सात सप्ताह का साइबर जागृति अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर, गांधी जयंती तक चलाया जा रहा है। अभियान के पहले चरण में स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वर्तमान चरण में बैंकों, वित्तीय संस्थानों और व्यापारिक समुदाय को साइबर अपराध से बचाने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।पुलिस ने लोगों को साइबर सुरक्षा का सरल मंत्र “रुको, सोचो, एक्शन लो” अपनाने की सलाह दी।
रुको — संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें।
सोचो — OTP, PIN, CVV और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
एक्शन लो — ठगी होने पर तत्काल बैंक को सूचना दें और 1930 पर साइबर शिकायत दर्ज कराएं।

