-सुभाष देवराज-
जगदलपुर शासकीय भूमि की अवैध बिक्री का मामला प्रशासन की चुप्पी पर उठे- सवाल
बस्तर जिला के अंतर्गत जगदलपुर तहसील के महाराणा प्रताप वार्ड क्रमांक 47, तेतरकुटी क्षेत्र में शासकीय भूमि की खुलेआम अवैध बिक्री का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की शासकीय जमीन को गैरकानूनी तरीके से बेच दिया गया है, लेकिन इस पूरे प्रकरण पर जिला प्रशासन और पुलिस कार्रवाई करने से कतरा रही है।स्थानीय वार्डवासियों का आरोप है कि शासकीय भूमि को निजी संपत्ति बताकर धड़ल्ले से खरीदी-बिक्री का काम किया जा रहा है। यह अवैध लेन-देन खुलेआम हो रहा है,जिससे क्षेत्र में रोष और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद अब तक न तो जांच शुरू की गई है और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई देखने को मिली है,बताया जा रहा है कि यह पूरा घृणित कृत्य एक ही व्यक्ति द्वारा किया गया है, जिसने शासकीय भूमि को बेचकर मोटी रकम अर्जित की है। मामला इसलिए और भी संवेदनशील हो जाता है क्योंकि यह जमीन तेतरकुटी क्षेत्र में आदिवासियों के कब्रिस्तान के पास स्थित बताई जा रही है। आदिवासी समाज की भावनाओं और परंपराओं से जुड़े इस स्थान के आसपास इस तरह की गतिविधियों को लेकर भारी आक्रोश है।वार्डवासियों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि शासकीय भूमि की तत्काल जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रशासन और पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक मौन साधे रहता है या फिर शासकीय भूमि की लूट पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है।
