✒️सुभाष मेश्राम की खबर…
🚨नया पारा में कांग्रेस का प्रदर्शन, सात दिन में सड़क पूरी करने का अल्टीमेटम
⬛▶️जगदलपुर। मोतीलाल नेहरू वार्ड के नया पारा क्षेत्र में लंबे समय से अधूरे पड़े सड़क निर्माण को लेकर मंगलवार को स्थानीय नागरिकों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। सड़क की बदहाल स्थिति और निर्माण कार्य अधूरा रहने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल काम पूरा कराने की मांग की।
🟥▶️प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने PWD के अधिकारी को मौके पर बुलाकर उसी अधूरी और उबड़-खाबड़ सड़क पर बैठाया और क्षेत्र की बदहाल स्थिति से अवगत कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से सड़क निर्माण अधूरा पड़ा है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
🟥▶️पार्षद की भूमिका पर भी उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने वार्ड पार्षद की भूमिका को लेकर भी नाराजगी जताई। नागरिकों का कहना था कि सड़क निर्माण की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, बावजूद इसके समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और जिम्मेदारों से जवाब मांगा।
🟥▶️कांग्रेस नेताओं ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी और पार्षद कोमल सेन सहित कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होते हैं और यदि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया जाता है तो इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है।
सात दिन में काम पूरा करने का आश्वासन
🟥▶️प्रदर्शन के दौरान PWD अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से चर्चा की। प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद अधिकारी द्वारा सात दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है।
कांग्रेस नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा में सड़क निर्माण पूरा नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क का वास्तविक निर्माण पूरा होना चाहिए।
नया पारा की अधूरी सड़क अब सिर्फ एक निर्माण कार्य का मुद्दा नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानी और जवाबदेही का सवाल बन गई है।




