🟥हर साल लगता था टेंट, इस बार छांव तक नसीब नहीं! धूप में घंटों खड़े श्रद्धालु, आखिर कहां है प्रशासन?

जगदलपुर। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के ऐतिहासिक मंदिर में शारदीय नवरात्रि के दौरान हर साल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाती थीं। लेकिन इस बार दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को तेज धूप में घंटों खड़े रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि पहले जहां टेंट लगाकर छांव की व्यवस्था की जाती थी, वहीं इस बार बुनियादी सुविधाओं का अभाव नजर आ रहा है।
🟥▶️स्थिति यह है कि श्रद्धालु फूल बेचने वालों के छातों के सहारे धूप से बचने की कोशिश कर रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चों के साथ पहुंचने वाले परिवारों और नौ दिनों का उपवास रखने वाली महिलाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज धूप में लंबे समय तक खड़े रहने से किसी की तबीयत बिगड़ने की आशंका भी बनी हुई है।
सवाल यह है कि नवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? क्या प्रशासन किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है? समय रहते जरूरी व्यवस्थाएं नहीं की गईं तो श्रद्धालुओं को और परेशानी उठानी पड़ सकती है।
श्रद्धालुओं के लिए तत्काल जरूरी हैं ये व्यवस्थाएं
मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए तत्काल छायादार टेंट, पेयजल और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। किसी की तबीयत बिगड़ने की स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके, इसके लिए मेडिकल वाहन की व्यवस्था भी जरूरी है। साथ ही मंदिर के आसपास उचित सुरक्षा बैरिकेडिंग की जाए, ताकि श्रद्धालुओं और वाहन चालकों के बीच किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका कम हो।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस गंभीर विषय पर ध्यान देना चाहिए। नवरात्रि और बस्तर दशहरा जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जनता अपने जनप्रतिनिधियों से यही उम्मीद करती है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
अब सवाल यही है—क्या इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन जागेगा और मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को जल्द राहत मिलेगी?
समाचार क्रांति भारत
पत्रकार सुभाष मेश्राम

