युवा कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन RTO और तहसीलदार के सामने रखा नोटों से भरा- बैग

✒️सुभाष मेश्राम की खबर

जिला बस्तर (छत्तीसगढ़ )
जगदलपुर– बस्तर में चरमरा चुकी परिवहन व्यवस्था, RTO की खुली कमीशनखोरी और बस माफियाओं के बेलगाम आतंक के खिलाफ आज युवा कांग्रेस ने एक ऐसा ऐतिहासिक और अनोखा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे की नींद उड़ा दी है। बस्तर लोकसभा समन्वयक  आदित्य सिंह बिसेन के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने RTO कार्यालय का उग्र घेराव किया। इस दौरान एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला जब आदित्य सिंह बिसेन ने RTO अधिकारी और तहसीलदार सामने सीधे नोटों से भरा एक बैग रख दिया और दो टूक शब्दों में कहा— “बस्तर की जनता को बुनियादी और सुरक्षित परिवहन सुविधाएं देने के लिए आपको और कितना कमीशन चाहिए? ये लीजिए पैसे, लेकिन हमारी जनता की जान से खेलना बंद कीजिए!” युवा कांग्रेस ने प्रशासन को आईना दिखाते हुए स्पष्ट किया कि बस्तर की जनता अब RTO और बस माफियाओं के इस खूनी गठजोड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी।प्रदर्शन के दौरान उठाए गए प्रमुख और ज्वलंत मुद्दे:
सुरक्षा और सुविधा: सभी बसों में अनिवार्य रूप से अग्नि सुरक्षा उपकरण (फायर एक्सटिंग्विशर), आपातकालीन द्वार, सुरक्षित खिड़कियां और महिलाओं/बुजुर्गों के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित हो।
अवैध वसूली (केदार टैक्स) पर रोक: पुराने वाहनों की बिक्री पर नए वाहन की कीमत के आधार पर 1% का अतार्किक ‘केदार टैक्स’ वसूलना तत्काल बंद हो।
लाइसेंस के नाम पर खुली लूट: ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नाम पर आम युवाओं से की जा रही 4000 से 4500 रुपए तक की अवैध वसूली पर तुरंत लगाम लगे।कंडम बसों का संचालन बंद हो: ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ की आड़ में कबाड़ हो चुकी बसों का संचालन बंद किया जाए।गति सीमा निर्धारण: हर यात्री बस में अधिकतम 80 किमी/घंटा की गति सीमा का ‘स्पीड लॉक’ अनिवार्य रूप से लगाया जाए।मालवाहकों में यात्री परिवहन पर सख्ती: मालवाहक गाड़ियों में यात्रियों को मवेशियों की तरह ढोने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगे। RTO विभाग आज भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा बन गया है। हमने नोटों का बैग अधिकारियों के सामने रखकर उनकी मरी हुई अंतरात्मा को जगाने का प्रयास किया है। हम पूछना चाहते हैं कि बस्तरवासियों की जान की क्या कीमत है? लाइसेंस बनाने से लेकर फिटनेस सर्टिफिकेट तक, हर जगह सिर्फ दलाली चल रही है, GPS के नाम पर 15-20 हजार रुपए वसूले जा रह हैं जबकि GPS मॉनिटरिंग सेंटर संभाग में है ही नहीं,80 किमी की गति सीमा पर लॉक वाली बसें हर हाल में चाहिए। जनता की जान से खिलवाड़ हम किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *