✒️सुभाष मेश्राम की खबर
⬛रामकृष्ण केयर अस्पताल के सेप्टिक टैंक सफाई मामले में ठेकेदार पर FIR दर्ज 3 मजदूरों की हुई थी मौत
छत्तीसगढ़ /रायपुर
रायपुर– बीते दिनों राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण अस्पताल में बड़ा हादसा हो गया. जहां अस्पताल के पीछे बने सीवरेज टैंक (गटर) की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की जहरीली गैस से दम घुटने की वजह से मौत हो गई थी. इस मामले में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई। टिकरापारा थाना क्षेत्र में दर्ज की गई FIR में सफाई ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बीच राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल बीती रात रायपुर पहुंचे और आज सुबह उन्होंने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की।
रामकृष्ण अस्पताल में सीवरेज टैंक (गटर) की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की जहरीली गैस से दम घुटने की वजह से मौत हो गई थी. इस मामले में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई. जिसके बाद पुलिस ने BNS की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया. वहीं मामले की जांच जारी हैं, और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.हरदीप सिंह गिल ने राजधानी रायपुर के संतोषी नगर स्थित BSUP कॉलोनी, सिमरन सिटी में मृतक कर्मचारियों के परिवारजनों से बातचीत की और घटना की पीड़ा को समझा। उन्होंने घटना स्थल का भी जायजा लिया, और अस्पताल के डॉक्टरों से मुलाकात कर आवश्यक जानकारी एकत्र की गई। हरदीप सिंह ने कहा, घटना स्थल पर हमने जांच की और पाया कि वहां कई खामियां हैं। रात में अस्पताल ने सफाई की अनुमति क्यों दी, यह जांच का विषय है। यदि इन कर्मचारियों को काम करवाना था तो नगर निगम को सूचित किया जाना चाहिए था। जो भी इसमें दोषी ठहराया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।हरदीप सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हादसे में मृत कर्मचारियों के परिवार को तुरंत 30 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है। इसके अलावा, मृतक कर्मचारियों की नौकरी और पुनर्वास के लिए जो भी सरकारी जिम्मेदारी होगी,उसे पूरी तरह निर्वहन किया जाएगा। हरदीप सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में और कोई शिकायत सामने आती है, तो राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग निष्पक्ष जांच और कार्रवाई करेगा।

