खबर/जगदलपुर
रिपोर्ट: सुभाष मेश्राम……..
एचपी गैस सहित देश की प्रमुख एलपीजी कंपनियों ने गैस सिलेंडर वितरण प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्रणाली लागू की है। नई व्यवस्था के तहत कई उपभोक्ताओं को अब गैस बुकिंग के तुरंत बाद OTP नहीं मिल रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी द्वारा बिल (कैश मेमो) तैयार होने के बाद ही उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जा रहा है।
गैस एजेंसी के कर्मचारियों के अनुसार, अब सिलेंडर डिलीवरी की प्रक्रिया बिल जनरेट होने के बाद आगे बढ़ती है और उसी चरण में OTP जारी किया जाता है। इसका उद्देश्य फर्जी डिलीवरी, कालाबाज़ारी और अनधिकृत गैस वितरण पर रोक लगाना है। �
नई DAC व्यवस्था के तहत उपभोक्ता को प्राप्त OTP केवल वास्तविक डिलीवरी के समय ही डिलीवरी कर्मी को बताना होता है। कंपनी ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि OTP किसी भी व्यक्ति के साथ फोन या सोशल मीडिया पर साझा न करें। �
हालांकि, HP Gas की सार्वजनिक जानकारी में यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है कि “OTP केवल बिल बनने के बाद ही भेजा जाएगा”। यह प्रक्रिया विभिन्न गैस एजेंसियों की परिचालन व्यवस्था के अनुसार लागू की जा सकती है। आधिकारिक रूप से इतना अवश्य कहा गया है कि OTP आधारित सत्यापन अब गैस डिलीवरी का अनिवार्य हिस्सा है। �
Hindustan Petroleum Corporation Ltd.
उपभोक्ताओं के लिए सलाह:
गैस कनेक्शन में पंजीकृत मोबाइल नंबर अपडेट रखें।
OTP केवल सिलेंडर प्राप्त करने के बाद ही डिलीवरी कर्मी को बताएं।
OTP नहीं मिलने पर अपनी गैस एजेंसी या HP Gas ग्राहक सेवा से संपर्क करें।
यह नई व्यवस्था उपभोक्ताओं तक सही व्यक्ति को गैस सिलेंडर पहुँचाने और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

