युद्ध का असर पेट्रोल डीजल पर हो सकता हैं ,कई पेट्रोल पंप पर लगा है पेट्रोल डीजल नहीं के बोर्ड?
Lpg गैस सिलिंडरो की किल्लत से आम जनता तो परेशान थी अब पेट्रोलियम पदार्थ (पेट्रोल डीजल )की भी किल्लत हो सकती हैं?

✒️सुभाष मेश्राम की खबर……

🟥अप्रैल 2026 में भारत के कई हिस्सों (जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश) में पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी (Panic Buying) हो रही है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन खबरों को निराधार बताया है और कहा है कि तेल की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारु है


22 अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार, ईरान और अमेरिका (इजरायल के साथ) के बीच चल रहा संघर्ष एक गंभीर क्षेत्रीय युद्ध में बदल चुका है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव: ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले और नाकेबंदी कर दी है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो गई है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों में से एक है।
तेल की कीमतों में भारी उछाल: संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में 55% से अधिक का उछाल आया है, जो 120 डॉलर प्रति बैरल के शिखर तक पहुंच गया था और अब भी यह उच्च स्तर पर है।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बाधित: जहाजों के मार्ग बदलने और बीमा लागत बढ़ने से आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है, जिससे वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं।

मार्च-अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार, भारत सरकार और सरकारी तेल कंपनियों के पास पेट्रोल, डीजल और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। विभिन्न सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, देश में ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) बनी हुई है:
📍कुल फ्यूल स्टॉक (पेट्रोल+डीजल+कच्चा तेल): भारतीय कंपनियों (OMCs) के पास 60 दिनों तक का पर्याप्त फ्यूल स्टॉक उपलब्ध है।
रणनीतिक भंडार (Strategic Reserves): भारत के रणनीतिक तेल भंडार (जो आपातकालीन स्थिति के लिए हैं) वर्तमान में अपनी क्षमता का लगभग 64% भरे हुए हैं। यह लगभग 3.37 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल है, जो लगभग 9.5 दिनों की मांग को पूरा कर सकता है।
📍सरकारी सूत्रों ने बताया है कि देश में 25 दिनों के लिए कच्चे तेल का भंडार और 25 दिनों के लिए ही पेट्रोल और डीजल का स्टॉक (लगभग 50-60 दिन का कुल कवर) सुरक्षित है।
स्थिति: पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद, सरकार ने ईंधन की कमी (shortage) की अफवाहों को खारिज किया है और कहा है कि देश में ईंधन की कोई किल्लत नहीं है।

📍2026 की ताजा स्थिति के अनुसार, भारत के पास लगभग 2 महीने (60 दिन) तक की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पेट्रोल और डीजल का स्टॉक है।

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