20 सितंबर की घटना के बारे में स्थानीय रिपोर्टों में नया बस स्टैंड स्थित शराब दुकान के पास विवाद और चाकूबाजी में 27 वर्षीय युवक की मौत की पुष्टि मिलती है।

✒️पत्रकार सुभाष मेश्राम….

🟥▶️जगदलपुर शहर में फिर खूनी वारदात, शराब दुकान के सामने चाकूबाजी में कैलाश गुप्ता (मोनू)की मौत
दशहरा से पहले शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल,

🟥▶️छत्तीसगढ़ युवा मंच ने सरकार और प्रशासन को घेरा
जगदलपुर। बस्तर के प्रमुख शहर जगदलपुर में एक बार फिर चाकूबाजी की घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार 20 सितंबर की देर शाम नया बस स्टैंड स्थित शराब दुकान के सामने दो पक्षों के बीच विवाद के बाद चाकूबाजी की घटना हुई। इस वारदात में युवक मोनू गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

🟥▶️दशहरा से पहले शहर की सुरक्षा पर सवाल

बस्तर का ऐतिहासिक दशहरा पर्व नजदीक है और ऐसे समय शहर के बीचों-बीच शराब दुकान के सामने हुई चाकूबाजी और युवक की मौत ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले वर्ष भी दशहरा आयोजन के दौरान हत्या की घटना सामने आई थी।
अब दशहरा पर्व से पहले हुई इस वारदात को लेकर लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि त्योहारों के दौरान शहर में सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की निगरानी कितनी मजबूत है।

🟥▶️आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा’ — नरेंद्र भवानी

छत्तीसगढ़ युवा मंच के संयोजक नरेंद्र भवानी ने जगदलपुर में हुई इस घटना को लेकर शासन-प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रायपुर सहित प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रही चाकूबाजी की घटनाओं के बीच अब जगदलपुर में भी ऐसी वारदातें चिंता का विषय बन रही हैं।

🟥▶️नरेंद्र भवानी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उनका कहना है कि पुलिस और प्रशासन को केवल मंत्रियों एवं विधायकों के कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि शहर में चाकूबाजी और हिंसक घटनाओं पर समय रहते प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आम नागरिकों में भय का माहौल और गहरा सकता है।
‘आम आदमी की सुरक्षा सबसे पहले’

🟥▶️नरेंद्र भवानी ने कहा कि सरकार और प्रशासन को शराब दुकानों के आसपास, बस स्टैंड, बाजार क्षेत्रों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमित पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ानी चाहिए। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान भीड़ बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।

🟥▶️ कैलाश (मोनू) गुप्ता की मौत ने एक परिवार को गहरा दुख दिया है, वहीं इस घटना ने शहर में सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर चर्चा छेड़ दी है। अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस प्रशासन आगामी बस्तर दशहरा और अन्य त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह मजबूत करता है।*समाचार क्रांति भारत*

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