सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को दिया आमंत्रण, 75 दिनों के ऐतिहासिक पर्व की तैयारियों पर भी हुई चर्चा

✒️सुभाष मेश्राम की खबर…
जगदलपुर | 09 अक्टूबर 2026।
बस्तर का दशहरा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और जनजातीय संस्कृति की ऐसी पहचान है, जिसकी गूंज देश-दुनिया तक पहुंचती है। इसी गौरवशाली परंपरा का न्योता लेकर बस्तर दशहरा समिति का प्रतिनिधिमंडल राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचा। सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
🎩 पागा पहनाकर किया सम्मान, दशहरा में शामिल होने का दिया न्योता
मुख्यमंत्री निवास में हुई इस मुलाकात के दौरान बस्तर की पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पारंपरिक पागा पहनाकर सम्मानित किया और बस्तर दशहरा में शामिल होने का सादर निमंत्रण दिया। इस मुलाकात के जरिए बस्तर की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को राजधानी तक पहुंचाने का संदेश भी सामने आया।
🔱 75 दिनों तक चलता है बस्तर दशहरा, मां दंतेश्वरी की आराधना है केंद्र में
बस्तर दशहरा की खासियत यह है कि यह पर्व एक-दो दिन में समाप्त नहीं होता, बल्कि लगभग 75 दिनों तक चलने वाली परंपराओं और धार्मिक रस्मों के लिए जाना जाता है। मां दंतेश्वरी की आराधना से जुड़ा यह आयोजन बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोक आस्था और सामूहिक सहभागिता का अनूठा उदाहरण है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए बस्तर दशहरा को क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और सदियों पुरानी परंपराओं का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने इस ऐतिहासिक पर्व के माध्यम से बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के देश-दुनिया तक पहुंचने की बात कही।
🇮🇳 मुरिया दरबार पर टिकी निगाहें, राष्ट्रपति के शामिल होने की संभावना
बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण आयोजनों में शामिल मुरिया दरबार को लेकर भी इस वर्ष विशेष चर्चा है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले वर्ष मुरिया दरबार में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे। वहीं, इस वर्ष देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुरिया दरबार में शामिल होने की संभावना जताई गई है।
राष्ट्रपति को आमंत्रित करने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल और बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने नई दिल्ली में आमंत्रण दिया है। हालांकि, राष्ट्रपति के शामिल होने को लेकर अंतिम पुष्टि का उल्लेख विज्ञप्ति में नहीं किया गया है।
📋 तैयारियों और आगामी रस्मों की दी जानकारी
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर दशहरा की आगामी रस्मों, आयोजन की तैयारियों और परंपरागत कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की। मुख्यमंत्री ने बस्तर की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आयोजन की सफलता की कामना की।
कुल मिलाकर, बस्तर दशहरा का यह आमंत्रण केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि बस्तर की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाने की परंपरा का हिस्सा है। अब इस ऐतिहासिक पर्व के आगामी आयोजनों और मुरिया दरबार में संभावित विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी पर लोगों की निगाहें रहेंगी।
✍️ समाचार क्रांति भारत
