✒️सुभाष मेश्राम की खबर….
जगदलपुर/बस्तर
🟥▶️डिमरापाल स्थित शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की सफाई व्यवस्था को लेकर छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेंद्र भवानी ने सरकार और प्रशासन से कई सवाल पूछे हैं। भवानी का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज के वार्डों और शौचालयों की स्थिति चिंताजनक नजर आ रही है।
🟥▶️नरेंद्र भवानी के अनुसार मेडिकल कॉलेज के मेल वार्ड क्रमांक-1 और 2 में बने शौचालयों की स्थिति खराब है। उन्होंने दावा किया कि कुछ शौचालयों के दरवाजे टूटे हुए हैं और टॉयलेट सीट तक उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा शौचालय परिसर में गंदगी पसरी होने का भी आरोप लगाया गया है।
🟥▶️भवानी ने सवाल उठाते हुए कहा कि मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन यदि अस्पताल परिसर में ही स्वच्छता व्यवस्था ठीक नहीं होगी तो आम लोगों के स्वास्थ्य पर इसका क्या असर पड़ेगा। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये के टेंडर और खर्च होने की बात सामने आती है, लेकिन उसका असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
🟥▶️उन्होंने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि क्या केवल मेडिकल कॉलेज का निर्माण कर देना और सुविधाएं उपलब्ध करा देना ही पर्याप्त है, या फिर उन सुविधाओं के रखरखाव और नियमित निगरानी की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
⬛▶️नर्सिंग हॉस्टल की भोजन व्यवस्था का भी उठाया मुद्दा
नरेंद्र भवानी ने दो दिन पूर्व सरकारी नर्सिंग हॉस्टल में भोजन व्यवस्था को लेकर सामने आई शिकायत का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत के बावजूद अब तक कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
⬛▶️उन्होंने कहा कि यदि सरकारी संस्थानों में मरीजों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में इस तरह की लापरवाही सामने आती है तो शासन-प्रशासन को इसकी नियमित निगरानी करनी चाहिए।
🚨मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज
छत्तीसगढ़ युवा मंच की ओर से मेडिकल कॉलेज की सफाई व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी भी दी गई है। अब शिकायत पर कितनी जल्दी कार्रवाई होती है, यह देखने वाली बात होगी।
▶️नरेंद्र भवानी ने सरकार से मांग की है कि मेडिकल कॉलेज की सफाई व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति और रखरखाव में होने वाले खर्च की जांच कराई जाए तथा यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

