✒️सुभाष मेश्राम कि खबर….
नवनीत चाँद ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, वास्तविक कब्जे और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान कराने की मांग
जगदलपुर, 12 अक्टूबर 2026। ग्राम पंचायत जाटम के आश्रित ग्राम खासापारा डोंगाम में वन अधिकार पट्टों, भूमि पर वास्तविक कब्जे और राजस्व अभिलेखों में कथित विसंगतियों को लेकर बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा ने जांच की मांग उठाई है। संगठन के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश उपाध्यक्ष नवनीत चाँद के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जगदलपुर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई।
ज्ञापन में खसरा नंबर 127, 122, 123, 125 और 928 से संबंधित पुराने एवं वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड का मिलान करने, वन अधिकार पट्टों की वैधता और भूमि पर वास्तविक कब्जे की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। साथ ही नामांतरण, भूमि हस्तांतरण और रिकॉर्ड में किए गए कथित बदलावों से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने पर जोर दिया गया।
संगठन ने 15 दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच और स्थल निरीक्षण कराने तथा 30 दिनों में जांच के निष्कर्ष शिकायतकर्ताओं को लिखित रूप में उपलब्ध कराने की मांग की है। ज्ञापन में संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखने और जांच के दौरान विवादित भूमि के संबंध में कानून के अनुसार उचित अंतरिम संरक्षण पर विचार करने की मांग भी शामिल है।
जगदलपुर विधानसभा के कार्यकारी अध्यक्ष ओम मरकाम और जगदलपुर ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष रामू नाग ने कहा कि ग्रामीणों और आदिवासी परिवारों के भूमि एवं वन अधिकारों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। यदि राजस्व रिकॉर्ड और वास्तविक कब्जे में अंतर पाया जाता है, तो उसका कारण सामने आना चाहिए और जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
नवनीत चाँद ने कहा कि मामले में पुराने और वर्तमान अभिलेखों का तुलनात्मक सत्यापन कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि किसी भी पात्र परिवार को उसके वैधानिक अधिकारों से वंचित न होना पड़े। उन्होंने निष्पक्ष जांच, समयबद्ध कार्रवाई और संबंधित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
फिलहाल संगठन ने प्रशासन से 30 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।



