शौचालय पर लगा आदिवासी संस्कृति की तस्वीर,समाज की भावनाओं और संस्कृति की गरिमा के खिलाफ हैं इसे तत्काल हटाये जाने की मांग -राजू सोढ़ी

🟥▶️जगदलपुर–गीदम रोड के सार्वजनिक शौचालय की दीवारों पर आदिवासी संस्कृति की तस्वीरें लगाने पर विवाद, राजू सोढ़ी ने जताई आपत्ति; तस्वीरें हटाने की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी।

जगदलपुर, बस्तर। जगदलपुर–गीदम रोड पर निर्मित सार्वजनिक शौचालय में आदिवासी समाज के लोगों की तस्वीरें लगाए जाने का मामला अत्यंत संवेदनशील एवं आपत्तिजनक है। इस तरह के स्थान पर आदिवासी समाज की तस्वीरों का उपयोग करना समाज की भावनाओं, सांस्कृतिक गरिमा और सामाजिक सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है।

आदिवासी समाज बस्तर की मूल पहचान, समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। समाज के महापुरुषों, जनजातीय समुदायों और आदिवासी पहचान से जुड़ी तस्वीरों का उपयोग करते समय सम्मान, संवेदनशीलता और सामाजिक मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। सार्वजनिक शौचालय जैसी जगह पर तस्वीरें लगाए जाने से समाज की भावनाएं आहत हो सकती हैं, जिसे किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

हमारी स्पष्ट मांग है कि सार्वजनिक शौचालय में लगाई गई आदिवासी समाज के लोगों की तस्वीरों को तत्काल हटाया जाए। साथ ही, संबंधित विभाग एवं जिम्मेदार अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

आदिवासी समाज अपने सम्मान, स्वाभिमान, संस्कृति और पहचान के प्रति जागरूक है। समाज की भावनाओं की अनदेखी करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। यदि संबंधित जिम्मेदारों द्वारा तत्काल तस्वीरें नहीं हटाई जाती हैं और उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो आदिवासी समाज अपने सम्मान की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं प्रशासन की होगी।

राजू सोढ़ी ने स्पष्ट कहा कि आदिवासी समाज का सम्मान केवल बस्तर का ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक गरिमा का सम्मान है। समाज की अस्मिता और स्वाभिमान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *