विक्रम लहरे ने प्रशासन से मांगा हिसाब, हादसों की जवाबदेही तय करने और गरीब परिवारों को किफायती दरों पर मनोरंजन उपलब्ध कराने की मांग
✒️सुभाष मेश्राम की खबर…
जगदलपुर, बस्तर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा मेले में सुरक्षा व्यवस्था, शुल्क वसूली और दुकानों व झूलों की दरों को लेकर सर्व अनुसूचित जाति समाज के जिलाध्यक्ष विक्रम लहरे ने जिला प्रशासन एवं मेला आयोजकों से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों और परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विक्रम लहरे ने मांग की कि मेले में प्रवेश के लिए जारी होने वाले गेट पास की दर, उससे होने वाली आय तथा झूलों, खान-पान और अन्य दुकानों से लिए जाने वाले शुल्क की जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही, सभी झूलों की तकनीकी जांच, बिजली के तारों की सुरक्षित व्यवस्था, अग्निशमन और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

⬛▶️गरीब परिवारों के बजट का भी रखें ध्यान
लहरे ने गेट पास, झूलों, खाने-पीने की सामग्री और अन्य दुकानों की दरें कम करने की मांग करते हुए कहा कि बस्तर दशहरा मेला केवल संपन्न परिवारों के लिए नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी खुशियों का अवसर है।
उन्होंने मांग की कि सभी दुकानों पर वस्तुओं एवं सेवाओं की मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि मनमानी वसूली पर रोक लग सके। मेले में दरें आम जनता की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर निर्धारित की जानी चाहिए, जिससे गरीब परिवार भी अपने बच्चों के साथ मेले का आनंद उठा सकें।
विक्रम लहरे ने जिला प्रशासन, नगर निगम एवं संबंधित विभागों से सुरक्षा मानकों का नियमित निरीक्षण करने, अनियमितताओं की जांच कराने और आम जनता को सुरक्षित व किफायती सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
