बस्तर संभाग में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, साल-सागौन की अवैध चिरान लकड़ी के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

✒️सुभाष मेश्राम की खबर…….
जगदलपुर/सुकमा। बस्तर संभाग में वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में कुल 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान साल और सागौन की कुल 3.917 घनमीटर चिरान लकड़ी जब्त की गई है। दोनों मामलों में पिकअप वाहनों का इस्तेमाल कर लकड़ी का अवैध परिवहन किया जा रहा था।

चित्रकोट वन विभाग द्वारा की गई जप्त वाहन और चिरान साल लकड़ी

चित्रकोट में साल की अवैध चिरान के साथ दो गिरफ्तार
बस्तर जिले के चित्रकोट वन परिक्षेत्र अंतर्गत उप परिक्षेत्र हर्रा कोडेर के ग्राम चन्देला में गुरुवार को वन विभाग की टीम ने महिंद्रा पिकअप वाहन से अवैध रूप से परिवहन की जा रही 9 नग साल की हाथ चिरान लकड़ी बरामद की। जब्त लकड़ी की मात्रा 0.270 घनमीटर बताई गई है।
मुख्य वनसंरक्षक जगदलपुर स्टाइलो मंडावी के मार्गदर्शन तथा वनमंडल अधिकारी बस्तर वनमंडल दीपेश कपिल के निर्देशन में विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। ग्रामीणों के सहयोग से महिंद्रा पिकअप क्रमांक सीजी-17-एच-1419 को पकड़कर तलाशी ली गई।
मामले में रूपचंद कोर्राम निवासी ग्राम हसलनार, जिला कोंडागांव और भोला राम बघेल निवासी ग्राम महिमा, जिला बस्तर को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के बाद जब्त वाहन और लकड़ी को केंद्रीय डिपो सर्गीपाल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में उप वनमंडल अधिकारी चित्रकोट सुखदास नाग, वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रकाश ठाकुर, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी अमित कुमार झा, हर्रा कोडेर परिसर अधिकारी शुंभ राम नाग, शारदा मंडावी, सुरक्षा श्रमिक मनोज नागे सहित ग्राम चन्देला के सरपंच और वन सुरक्षा समिति के सदस्यों का योगदान रहा।
सुकमा में भूसे की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे सागौन
इधर सुकमा जिले में वन विभाग ने पिकअप वाहन में धान के भूसे की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही सागौन चिरान की बड़ी खेप पकड़ी है। कार्रवाई में कुल 193 नग सागौन चिरान, जिसकी मात्रा 3.647 घनमीटर बताई गई है, जब्त की गई है। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई है।
वन विभाग को मिली सूचना के आधार पर सुकमा वन परिक्षेत्र की टीम ने गादीरास पेट्रोल पंप के पास पिकअप वाहन क्रमांक एपी-39-टीपी-1508 को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान धान के भूसे से भरी बोरियों के नीचे छिपाकर रखी गई 99 नग सागौन चिरान, जिसकी मात्रा 1.868 घनमीटर थी, बरामद की गई। मौके से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सागौन की यह खेप राजामुंदरी, आंध्रप्रदेश ले जाई जा रही थी। मामले में नागमुरली और देवेंद्र कुमार के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट (पीओआर) दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के आधार पर वन विभाग की टीम ने आगे कार्रवाई करते हुए मड़कामी जोगा, उम्र 59 वर्ष, निवासी मारोकी क्षेत्र के घर पर दबिश दी। यहां से 94 नग सागौन चिरान, जिसकी मात्रा 1.779 घनमीटर थी, बरामद कर जब्त की गई।
वन विभाग के अनुसार पूछताछ में सागौन की अवैध तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और स्थानीय स्तर पर सहयोग करने वालों के संबंध में भी जानकारी सामने आई है। विभाग अब मामले की आगे जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है।
सुकमा की कार्रवाई पारख सारदा आईएफएस के मार्गदर्शन में की गई। इसमें वनपाल आर. घरत, वनरक्षक राजू सोड़ी, ईश्वर मौर्य, पवन सहारे सहित सुकमा वनमंडल के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका रही।
दो जिलों में कार्रवाई, 5 गिरफ्तार और 3.917 घनमीटर लकड़ी जब्त
बस्तर और सुकमा जिले में हुई इन दोनों अलग-अलग कार्रवाइयों में वन विभाग ने कुल 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर 9 नग साल की हाथ चिरान तथा 193 नग सागौन चिरान जब्त की है। जब्त लकड़ी की कुल मात्रा 3.917 घनमीटर है। वन विभाग ने दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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