बीजापुर डिप्टी कलेक्टर निलंबित महिला आरक्षक की शिकायत पर कारवाही

✒️सुभाष मेश्राम की खबर

दिनांक 20-2-2026

🟥महिला आरक्षक की शिकायत पर बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर- निलंबित

🟥बीजापुर महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उड़के को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला कुछ माह पहले बालोद जिले के डौंडी थाना में दर्ज किया गया था। शिकायत में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, जबरन गर्भपात कराने और आर्थिक शोषण के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, महिला आरक्षक ने लिखित शिकायत में बताया कि वर्ष 2017 में डौंडी स्थित आईटीआई में पढ़ाई के दौरान उसकी दिलीप उइके से पहचान हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। आरोप है कि शादी का आश्वासन देकर शारीरिक संबंध बनाए गए। पहली बार गर्भवती होने पर पढ़ाई और नौकरी का हवाला देकर गर्भपात कराया गया। महिला ने यह भी बताया कि पुलिस विभाग में नौकरी लगने के बाद उसने आरोपी की पढ़ाई और कोचिंग के लिए नियमित रूप से आर्थिक सहायता दी। वर्ष 2020 में पीएससी परीक्षा में सफल होने के बाद आरोपी डिप्टी कलेक्टर के रूप में नियुक्ति हुई और बीजापुर में पदस्थापना हुई। इसके बाद भी शादी का आश्वासन दिया जाता रहा। शिकायत में वर्ष 2025 के दौरान तीन बार गर्भवती होने और जबरन दवा देकर गर्भपात कराने का आरोप लगाया गया है। साथ ही बैंक से ऋण लेकर कुल 3 लाख 30 हजार रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर करने की बात कही गई है। वाहन खरीद-फरोख्त से जुड़े लेनदेन का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है। महिला आरक्षक ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को 12 बिंदुओं में अलग से शिकायत प्रस्तुत की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि जिला प्रशासन स्तर पर आरोपी को संरक्षण दिया गया और नियमों के विपरीत अवकाश स्वीकृत किए गए। शिकायत के साथ दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। डौंडी थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच जारी है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी कलेक्टर को निलंबित कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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