✒️सुभाष मेश्राम की खबर…
📍जगदलपुर (बस्तर): बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा (BAMM) ने बस्तर दशहरा पर्व के दौरान राजमहल परिसर व मां दंतेश्वरी मंदिर के पास प्रस्तावित मीना बाजार के स्थान परिवर्तन और स्वदेशी मेला की जांच-ऑडिट को लेकर जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
⬛▶️मोर्चा के मुख्य संयोजक नवनीत चांद और अन्य पदाधिकारियों ने प्रशासनिक ज्ञापन के जरिए आम जनता की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
⬛▶️मीना बाजार के स्थान परिवर्तन और 5 किमी सेफ्टी बफर की मांग
मोर्चा ने चिंता व्यक्त की है कि दंतेश्वरी मंदिर व राजमहल परिसर में भारी भीड़ जुड़ती है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में मीना बाजार के आयोजन से दुर्घटना, भगदड़ (Bottleneck), इमरजेंसी वाहनों (एंबुलेंस/फायर टेंडर) के अवरोध और ट्रैफिक जाम का बड़ा जोखिम बना रहता है।
🚨▶️प्रमुख मांगें:
🟥स्थान परिवर्तन: मीना बाजार को दंतेश्वरी मंदिर परिसर के बजाय शहर के किसी बड़े व खुले मैदान में स्थानांतरित किया जाए।
5 किलोमीटर सेफ्टी बफर: मंदिर क्षेत्र से कम से कम 5 किलोमीटर का सेफ्टी बफर तय किया जाए।
🟥जॉइंट साइट सेफ्टी ऑडिट: आयोजन की अनुमति से पूर्व पुलिस, फायर, आपदा प्रबंधन, नगर निगम, विद्युत, स्वास्थ्य और पीडब्ल्यूडी (PWD) की संयुक्त टीम से सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
🟥अन्य सुरक्षा मानक: वैज्ञानिक आधार पर मैक्सिमम ऑक्यूपेंसी तय करना, स्वतंत्र इमरजेंसी एग्जिट (Emergency Exit), क्यूआर/बारकोड आधारित टिकटिंग, सीसीटीवी निगरानी और फायर-इलेक्ट्रिकल सेफ्टी क्लीयरेंस अनिवार्य की जाए।
🟥स्वदेशी मेला 2025 की जांच व ऑडिट के बाद ही मिले 2026 की अनुमति
एक अन्य ज्ञापन में संगठन ने लालबाग मैदान, जगदलपुर में आयोजित हुए ‘स्वदेशी मेला 2025’ की निष्पक्ष जांच और वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की है।
🚨मुख्य बिंदु:
🟥NMDC स्पॉन्सरशिप व CSR जांच: वर्ष 2025 में NMDC द्वारा दी गई स्पॉन्सरशिप राशि, मद स्वीकृति और उपयोगिता की कंपनी एक्ट 2013 एवं CSR नियमों के तहत समीक्षा की जाए।
राजस्व व मैदान आवंटन की पारदर्शिता: लालबाग मैदान आवंटन की शर्तों, स्टॉल शुल्क, विज्ञापन व्यय और नगर निगम को प्राप्त राजस्व का पूर्ण वित्तीय हिसाब सार्वजनिक व ऑडिट कराया जाए।
🟥NOC और सेफ्टी परीक्षण: वर्ष 2025 में फायर, इलेक्ट्रिकल, पुलिस, ट्रैफिक और फूड सेफ्टी की अनुमतियों की प्रामाणिकता की जांच हो।
🟥2026 की अनुमति से पहले ऑडिट: 2025 का पूरा हिसाब और ऑडिट रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही 2026 के आयोजन की अनुमति व वैधानिक NOC जारी की जाए।
🟥प्रशासन को स्पष्ट संदेश
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि वे किसी व्यापार, व्यापारी या रोजगार के विरोधी नहीं हैं। संगठन की एकमात्र मांग सार्वजनिक सुरक्षा, पारदर्शी प्रशासन और नागरिकों व व्यापारियों के हितों की रक्षा करना है। ज्ञापन सौंपने के दौरान नवनीत चांद सहित मोर्चा के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







